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Chalisa

Brihaspati Chalisa

बृहस्पति चालीसा

The Brihaspati Chalisa is a devotional hymn dedicated to Brihaspati Dev, the Jupiter deity and Guru of the gods, associated with wisdom, dharma, learning, children, counsel, prosperity, and righteous guidance. This structured version contains 1 opening doha, 40 chaupais, and 1 closing doha, totaling 42 verses.

देवता: Brihaspati
42 श्लोक
Traditional / Devotional Compilation
Thursday · During Guru graha shanti

बृहस्पति चालीसा बृहस्पति देव को समर्पित भक्ति स्तोत्र है। वे देवगुरु, गुरु ग्रह, ज्ञान, धर्म, अध्ययन, संतान, परामर्श, समृद्धि और सद्मार्गदर्शन से जुड़े हैं। इस संरचित संस्करण में 1 आरंभिक दोहा, 40 चौपाइयाँ और 1 समापन दोहा है, कुल 42 पद।

doha opening
Verse 1

देव गुरु बृहस्पति प्रभु, ज्ञान सुधा के धाम। कृपा करो हे जीव गुरु, सिद्ध करो शुभ काम॥

deva guru bṛhaspati prabhu, jñāna sudhā ke dhāma. kṛpā karo he jīva guru, siddha karo śubha kāma.

अर्थ

हे देवगुरु बृहस्पति प्रभु, ज्ञान-सुधा के धाम, कृपा कर शुभ कार्य सिद्ध करें।

Meaning

O Brihaspati, Guru of the gods and abode of wisdom nectar, show grace and make auspicious works successful.

chaupai
Verse 2

जय जय श्री बृहस्पति देवा। करूँ सदा तुम्हरी शुभ सेवा॥

जय जय श्री बृहस्पति देवा करूँ सदा तुम्हरी शुभ सेवा

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Brihaspati Dev; may I always serve you with devotion.

chaupai
Verse 3

देवाचार्य गुरु कहलाते। देवगणों को ज्ञान सिखाते॥

देवाचार्य गुरु कहलाते देवगणों को ज्ञान सिखाते

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

You are called the teacher of the gods and guide them in wisdom.

chaupai
Verse 4

अंगिरा कुल भूषण प्यारे। वेद शास्त्र के ज्ञाता न्यारे॥

अंगिरा कुल भूषण प्यारे वेद शास्त्र के ज्ञाता न्यारे

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Beloved jewel of Angiras lineage, knower of Vedas and scriptures.

chaupai
Verse 5

पीत वसन तनु शोभा पावे। ज्ञान प्रभा जग में फैलावे॥

पीत वसन तनु शोभा पावे ज्ञान प्रभा जग में फैलावे

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Yellow garments adorn you as you spread the radiance of wisdom.

chaupai
Verse 6

हाथ कमंडलु दण्ड सुहावा। धर्म मार्ग सबको बतलावा॥

हाथ कमंडलु दण्ड सुहावा धर्म मार्ग सबको बतलावा

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

With kamandalu and staff, you show the path of dharma.

chaupai
Verse 7

गुरुवार व्रत जो जन करई। जीवन में शुभ विद्या भरई॥

गुरुवार व्रत जो जन करई जीवन में शुभ विद्या भरई

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Those who observe Thursday vrata receive auspicious learning.

chaupai
Verse 8

चना गुड़ पीत पुष्प चढ़ावै। गुरु कृपा वह शीघ्र पावै॥

चना गुड़ पीत पुष्प चढ़ावै गुरु कृपा वह शीघ्र पावै

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Offering gram, jaggery, and yellow flowers invokes Guru’s grace.

chaupai
Verse 9

धनु मीन के स्वामी ज्ञानी। धर्म ज्ञान के तुम वरदानी॥

धनु मीन के स्वामी ज्ञानी धर्म ज्ञान के तुम वरदानी

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Wise lord of Sagittarius and Pisces, giver of dharma and wisdom.

chaupai
Verse 10

बुद्धि विवेक हृदय में दीजै। मोह अज्ञान तुरत हर लीजै॥

बुद्धि विवेक हृदय में दीजै मोह अज्ञान तुरत हर लीजै

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Give intellect and discernment, and remove delusion quickly.

chaupai
Verse 11

सन्तान सुख तुमसे मिलता। कुल में ज्ञान दीप फिर जलता॥

सन्तान सुख तुमसे मिलता कुल में ज्ञान दीप फिर जलता

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Through you comes the joy of children and the lamp of knowledge in the family.

chaupai
Verse 12

गुरु दोष सब दूर कराओ। जीवन में सदमार्ग दिखाओ॥

गुरु दोष सब दूर कराओ जीवन में सदमार्ग दिखाओ

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Remove Guru-related afflictions and show the right path.

chaupai
Verse 13

विवाह कार्य सफल बनावो। सुखी गृहस्थ आशिष दिलावो॥

विवाह कार्य सफल बनावो सुखी गृहस्थ आशिष दिलावो

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Make marriage efforts successful and bless household life.

chaupai
Verse 14

राज सभा में मान दिलाओ। सद्वाणी से यश बढ़वाओ॥

राज सभा में मान दिलाओ सद्वाणी से यश बढ़वाओ

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Grant honor in assemblies and fame through wise speech.

chaupai
Verse 15

विद्यार्थी को विद्या देना। आचार्य भाव हृदय में लेना॥

विद्यार्थी को विद्या देना आचार्य भाव हृदय में लेना

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Give students learning and place the spirit of the teacher in the heart.

chaupai
Verse 16

धर्म अर्थ का मार्ग बताओ। लोभ मोह से दूर रखाओ॥

धर्म अर्थ का मार्ग बताओ लोभ मोह से दूर रखाओ

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Show the path of dharma and prosperity while keeping greed away.

chaupai
Verse 17

शांति नीति न्याय सिखाते। अधर्म मार्ग से जन बचाते॥

शांति नीति न्याय सिखाते अधर्म मार्ग से जन बचाते

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

You teach peace, ethics, and justice, protecting people from adharma.

chaupai
Verse 18

जो गुरु मंत्र प्रेम से जपता। दुर्भाग्य का बादल हटता॥

जो गुरु मंत्र प्रेम से जपता दुर्भाग्य का बादल हटता

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

One who chants Guru mantra with love sees misfortune clouds clear.

chaupai
Verse 19

पीत चन्द्रिका कृपा बरसाओ। घर में शुभ संस्कार बसाओ॥

पीत चन्द्रिका कृपा बरसाओ घर में शुभ संस्कार बसाओ

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Shower yellow grace and establish noble values in the home.

chaupai
Verse 20

वाणी में गाम्भीर्य दिलाओ। निर्णय में धैर्य सिखाओ॥

वाणी में गाम्भीर्य दिलाओ निर्णय में धैर्य सिखाओ

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Give depth to speech and patience in decisions.

chaupai
Verse 21

वृद्ध जनों का मान बढ़ाओ। गुरु सेवा का भाव जगाओ॥

वृद्ध जनों का मान बढ़ाओ गुरु सेवा का भाव जगाओ

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Increase respect for elders and awaken the spirit of Guru-seva.

chaupai
Verse 22

धन को धर्म से जोड़ो नाथा। संपत्ति बने सेवा की गाथा॥

धन को धर्म से जोड़ो नाथा संपत्ति बने सेवा की गाथा

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Connect wealth with dharma so prosperity becomes service.

chaupai
Verse 23

यज्ञ जप तप फल प्रदानो। सद्गुण का हृदय में स्थानो॥

यज्ञ जप तप फल प्रदानो सद्गुण का हृदय में स्थानो

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Grant fruits of yajna, japa, and tapas, and place virtue in the heart.

chaupai
Verse 24

कठिन शंका समाधान करिजै। बुद्धि की गाँठें खोल दीजै॥

कठिन शंका समाधान करिजै बुद्धि की गाँठें खोल दीजै

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Resolve difficult doubts and untie knots of understanding.

chaupai
Verse 25

मंत्र उच्चारण सिद्ध बनाओ। श्रद्धा का दीपक जलवाओ॥

मंत्र उच्चारण सिद्ध बनाओ श्रद्धा का दीपक जलवाओ

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Perfect mantra pronunciation and light the lamp of faith.

chaupai
Verse 26

अधीर मन को स्थिर कर दीजै। सदुपदेश अमृत सा दीजै॥

अधीर मन को स्थिर कर दीजै सदुपदेश अमृत सा दीजै

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Steady the impatient mind and give nectar-like good counsel.

chaupai
Verse 27

शुभ पीला तिलक लगावै। गुरु कृपा जीवन में आवै॥

शुभ पीला तिलक लगावै गुरु कृपा जीवन में आवै

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

One who applies yellow tilak invokes Guru’s grace in life.

chaupai
Verse 28

रोग पित्त विकार हरिजै। तन मन में संतुलन करिजै॥

रोग पित्त विकार हरिजै तन मन में संतुलन करिजै

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Remove heat-related imbalances and bring balance to body and mind.

chaupai
Verse 29

संगति अच्छी सदा दिलाओ। कुसंगति से शीघ्र बचाओ॥

संगति अच्छी सदा दिलाओ कुसंगति से शीघ्र बचाओ

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Grant good company and protect from bad association.

chaupai
Verse 30

ज्ञान बिना वैभव अँधियारा। तुमसे मिले विवेक उजियारा॥

ज्ञान बिना वैभव अँधियारा तुमसे मिले विवेक उजियारा

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Prosperity without wisdom is darkness; through you comes discernment.

chaupai
Verse 31

पुरोहित कर्म शुभ बनाते। वेद मन्त्र से जग को त्राते॥

पुरोहित कर्म शुभ बनाते वेद मन्त्र से जग को त्राते

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Priestly works become auspicious through Vedic mantra and your grace.

chaupai
Verse 32

प्रश्न कठिन जब सामने आवे। गुरु बुद्धि समाधान बतावे॥

प्रश्न कठिन जब सामने आवे गुरु बुद्धि समाधान बतावे

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

When hard questions arise, Guru-wisdom reveals the solution.

chaupai
Verse 33

माता पिता गुरु सम्मानो। चरित्र धर्म का दीप जलाओ॥

माता पिता गुरु सम्मानो चरित्र धर्म का दीप जलाओ

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Honor parents and teachers, and light the lamp of character and dharma.

chaupai
Verse 34

न्यायालय में सत्य बचाओ। धर्म पक्ष को बल दिलाओ॥

न्यायालय में सत्य बचाओ धर्म पक्ष को बल दिलाओ

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Protect truth in court and strengthen the righteous side.

chaupai
Verse 35

कठिन ग्रह दशा शांत कराओ। पीत कृपा से सुख बरसाओ॥

कठिन ग्रह दशा शांत कराओ पीत कृपा से सुख बरसाओ

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Pacify difficult planetary periods and shower happiness through yellow grace.

chaupai
Verse 36

जो चालीसा नित मन गावै। गुरु कृपा शुभ फल पावै॥

जो चालीसा नित मन गावै गुरु कृपा शुभ फल पावै

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Whoever sings this Chalisa daily receives Guru’s grace and auspicious fruits.

chaupai
Verse 37

विद्या धन यश सब बढ़ जाता। गुरु स्मरण सुख पथ दिखलाता॥

विद्या धन यश सब बढ़ जाता गुरु स्मरण सुख पथ दिखलाता

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Learning, wealth, and fame grow; remembrance of Guru shows the happy path.

chaupai
Verse 38

अंत समय गुरु नाम सहारा। बृहस्पति करो भव से पारा॥

अंत समय गुरु नाम सहारा बृहस्पति करो भव से पारा

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

At the end, may Guru’s name support us and Brihaspati carry us across.

chaupai
Verse 39

भक्त तुम्हारे चरण निहारें। बृहस्पति सब क्लेश निवारे॥

भक्त तुम्हारे चरण निहारें बृहस्पति सब क्लेश निवारे

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Devotees behold your feet; Brihaspati removes afflictions.

chaupai
Verse 40

जय जीव गुरु ज्ञान प्रकाशा। मिटे अज्ञान कटे तम भाषा॥

जय जीव गुरु ज्ञान प्रकाशा मिटे अज्ञान कटे तम भाषा

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Glory to Jiva Guru, light of knowledge, remover of ignorance.

chaupai
Verse 41

करो कृपा हे देव गुरु दाता। रक्षा करो धर्म के त्राता॥

करो कृपा हे देव गुरु दाता रक्षा करो धर्म के त्राता

अर्थ

यह पद बृहस्पति देव की गुरु-शक्ति, ज्ञान, धर्म, सद्बुद्धि और शुभ मार्गदर्शन का स्मरण करता है।

Meaning

Show grace, O divine Guru and protector of dharma.

doha closing
Verse 42

बृहस्पति गुरुदेव कर, ज्ञान कृपा विस्तार। धर्म बुद्धि दे जीवन में, कर दो भव से पार॥

bṛhaspati gurudeva kara, jñāna kṛpā vistāra. dharma buddhi de jīvana meṁ, kara do bhava se pāra.

अर्थ

हे गुरुदेव बृहस्पति, ज्ञान-कृपा का विस्तार करें। जीवन में धर्म-बुद्धि दें और भव से पार करें।

Meaning

O Gurudev Brihaspati, expand the grace of knowledge. Give dharmic intelligence in life and carry us across worldly existence.

Brihaspati Chalisa

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