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रामrama tarakaखुली साधना~6 108× के लिए मिनट

ॐ श्री राम जय राम

Oṃ Śrī Rām Jaya Rām

Om Sri Ram Jaya Ram

साझा

श्री राम · Śrī Rāma, the seventh avatar of Vishnu, the king of Ayodhya, the exemplar of dharma; in Vaishnava theology, Vishnu himself taken birth as the prince of the Raghu lineage

अर्थ

"Om. Hail Śrī Rama, hail Rama, victory to the one in whom the soul rests. The mantra is at once a praise, a surrender, and a remembering."

ॐ। श्री राम की जय हो, राम की जय हो, उन्हें जिनमें आत्मा को विश्राम मिलता है। मन्त्र एक साथ स्तुति है, समर्पण है, और स्मरण है।

शब्द दर शब्द

Oṃ

ब्रह्म का आदि नाद

The primordial sound

श्री
Śrī

शुभ, मंगलमय; और लक्ष्मी-सीता का नाम, श्री राम का अर्थ सीताराम भी

Auspicious; also a reverential prefix and the name of Sita-Lakshmi, Rama's consort, so 'Śrī Rām' carries the double meaning of 'the auspicious Rama' and 'Sita-Rama, the inseparable pair'

राम
Rām

जिसमें आत्मा आनन्द पाती है, अयोध्या के राजा, विष्णु के अवतार

Rāma, literally 'the one in whom the soul delights' (root ram = to delight, to rest); the king of Ayodhya and the avatar of Vishnu

जय
Jaya

जय हो, विजय, स्तुति

Victory, glory, hail, chanted as an expression of triumphant praise and surrender at once

कलियुग में राम नाम

हिन्दू परम्परा के अनुसार चारों युगों में मोक्ष का साधन अलग-अलग है। सत्ययुग में ध्यान, त्रेता में यज्ञ, द्वापर में अर्चना, और कलियुग में केवल नाम जप। इसमें भी राम नाम का स्थान विशेष है। तुलसीदास ने रामचरितमानस के बालकाण्ड में नाम-वन्दना के लिए पूरा प्रकरण लिखा, कहा कि नाम राम से भी बड़ा है। समर्थ रामदास ने १७वीं सदी में महाराष्ट्र में इसी मन्त्र को अपने आन्दोलन का आधार बनाया।

जप कैसे करें

सर्वोत्तम समय

  • ब्रह्म मुहूर्त — सूर्योदय से पूर्व का सर्वोत्तम समय
  • राम नवमी — भगवान राम का जन्मोत्सव, चैत्र शुक्ल नवमी
  • दीपावली — अयोध्या-वापसी का उत्सव; राम-नाम जप का महापर्व
  • एकादशी तिथि — भगवान विष्णु के अवतार राम की पूजा का दिन
  • किसी भी समय — राम-नाम 'अकाल-सुलभ' है; कोई प्रतिबंध नहीं

माला

Tulsi mala · Sphatika

संख्या

१०८ या ३ × १०८; तुलसी की माला सर्वोत्तम

आसन

किसी भी आसन में — बैठकर, चलते-चलते या यात्रा में भी राम-नाम जप संभव है।

तैयारी

स्नान करके श्वेत या पीत वस्त्र धारण करें। राम-सीता-लक्ष्मण और हनुमान जी की छवि सामने रखें। तुलसी-दल, पीले पुष्प और धूप-दीप अर्पित करें।

Vaikhari

वाचिक

उच्च स्वर में 'श्री राम जय राम जय जय राम' — कीर्तन और सामूहिक नाम-जप के लिए अत्यंत शक्तिशाली।

Upamsu

उपांशु

मृदु स्वर में, केवल होठों की हलचल — आंतरिक साधना और ध्यान के लिए।

Manasika

मानसिक

मन के भीतर राम-नाम का प्रवाह, बाहरी चेष्टा रहित — साक्षात् राम के दिव्य स्वरूप का ध्यान करते हुए।

१०८ जप में लगभग 6 मिनट लगते हैं

108× जप ऑडियो

पूर्ण-लंबाई ऑडियो — जल्द ही ऐप और वेब पर।

इस मंत्र के बारे में

'ॐ श्री राम जय राम जय जय राम' — यह मंत्र समर्थ रामदास (महाराष्ट्र) के माध्यम से प्रसिद्ध हुआ और तुलसीदास की उत्तर-भारतीय राम-भक्ति के साथ समवेत स्वर में गूँजा। 'राम' — 'र' + 'अ' + 'म' — का अर्थ कई परम्पराओं में अलग-अलग समझाया गया है। तारक-उपनिषद के अनुसार 'र' शिव का बीज, 'अ' विष्णु का बीज और 'म' ब्रह्मा का बीज है — इस प्रकार राम-नाम सम्पूर्ण त्रिदेव-शक्ति का समाहार है।

तुलसीदास ने रामचरितमानस में लिखा: 'राम नाम मणि दीप धरु, जीह देहरी द्वार।' — राम-नाम रूपी रत्न-दीपक को अपनी जिह्वा-द्वार पर रखो। यह नाम इतना शक्तिशाली है कि शिव स्वयं मरणासन्न प्राणी के कान में यह नाम फूँकते हैं — यही काशी-तारक रहस्य है।

त्याग-राज ने कर्नाटक संगीत में राम की भक्ति को अमर कर दिया। उनकी कृतियाँ — 'एंदारो महानुभावुलु', 'जगदानन्द कारक' — राम-भक्ति का अपार संसार हैं। दक्षिण में 'कोदण्ड-राम' और उत्तर में 'मर्यादा-पुरुषोत्तम राम' एक ही परम सत्य के दो रूप हैं।

मूल

स्रोत
Rama Tāraka Upanishad, the dedicated Upanishadic source for Rama Nama
परंपरा
Vaishnava (Ram bhakti). Particularly central to the Tulsidas tradition of North India and the Samarth Ramdas tradition of Maharashtra. Also revered by the Ramanandi sampradaya.
प्राचीनता
~2,000 वर्ष
में भी संदर्भित
  • · Yoga Vasishtha, Rama-tarak references
  • · Ramcharitmanas by Tulsidas (1574 CE), especially the Bālakāṇḍa Nāma-Vandanā
  • · Adhyatma Ramayana, embedded within the Brahmanda Purana
  • · Padma Purana, Patala Khanda
  • · Skanda Purana

पारंपरिक लाभ

  • राम-नाम के जप से चित्त की गहरी शांति और मानसिक स्थिरता प्राप्त होती है
  • 'राम' तारक-मंत्र है — मृत्यु के समय भी यह नाम जीव को मुक्ति की ओर ले जाता है
  • पारिवारिक जीवन में राम की मर्यादा और प्रेम का आदर्श घर-घर में उतरता है
  • बुरी संगत, अधर्म और नकारात्मक प्रवृत्तियों से स्वतः मुक्ति मिलती है
  • तुलसीदास के अनुसार राम-नाम वेद, पुराण और शास्त्र — सब का सार है
  • भक्ति-मार्ग की सरलतम और सर्वाधिक सुलभ साधना — किसी दीक्षा की आवश्यकता नहीं

ये परंपरागत आध्यात्मिक मान्यताएँ हैं। यह मंत्र-जप आत्म-शुद्धि और भक्ति के लिए है — यह चिकित्सीय उपचार का विकल्प नहीं है।

रोजमर्रा के भारत में यह मंत्र

'श्री राम जय राम' केवल धार्मिक नहीं, सांस्कृतिक पहचान का भी स्वर है। महात्मा गाँधी के अंतिम शब्द 'हे राम' थे — यह नाम उनके जीवन-दर्शन का सार था। वर्तमान युग में जब बाहरी शोर और अनिश्चितता बढ़ रही है, राम-नाम का यह सरल जप मन को लंगर जैसी स्थिरता देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

स्रोत और ईमानदारी

  • · Rama Tāraka Upanishad
  • · Ramcharitmanas, Tulsidas, Bālakāṇḍa Nāma-Vandanā
  • · Adhyatma Ramayana (within the Brahmanda Purana)
  • · Yoga Vasishtha
  • · Padma Purana, Patala Khanda
  • · Skanda Purana

किसी भी परंपरागत Hz (हर्ट्ज़) आवृत्ति का उल्लेख नहीं है। सॉल्फेजियो आवृत्ति के दावे आधुनिक न्यू-एज मान्यताएँ हैं, शास्त्रसम्मत नहीं।

राम भक्ति में चक्र-मानचित्रण केंद्रीय नहीं है। यह मंत्र नाम-जप और भक्ति-रस की दृष्टि से समझा जाता है, न कि तांत्रिक चक्र-रचना की दृष्टि से।