ॐ सर्वमन्त्रस्वरूपिणे नमः
सर्वमन्त्रस्वरूपी
Sarvamantrasvarūpaḥ
Root: sarva + mantra + svarūpin
अर्थ
He whose very form is all mantras, in whom every sacred sound-formula finds its original source and living embodiment
जिनका स्वरूप सभी मन्त्र है, जिनमें हर पवित्र ध्वनि-सूत्र अपना मूल स्रोत और जीवित अवतार पाता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
मन्त्र
sacred sound-formula
मन्त्र, पवित्र ध्वनि-सूत्र
स्वरूपी
whose form is
स्वरूपी, जिसका रूप है
आधुनिक संदर्भ
तान्त्रिक परम्पराओं में मन्त्र का दर्शन पवित्र ध्वनि को दिव्यता का एक प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व नहीं बल्कि दिव्यता का एक प्रत्यक्ष कम्पनात्मक रूप मानता है। सर्वमन्त्रस्वरूपी प्रभु को एकसाथ सभी ऐसे मन्त्रों के स्रोत और पदार्थ के रूप में नाम देता है।
कब जपें
ॐChant when beginning any mantra practice, recognising that the mantra being chanted is not a symbolic reference to the Lord but a direct form of the Lord who is the source of all mantras.
और विद्या नाम
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