ॐ रामपादाब्जभृङ्गाय नमः
रामपादाब्जभृङ्ग
Rāmapādābjabhṛṅgāya
Root: rāma + pāda (feet) + abja (lotus) + bhṛṅga (bee)
अर्थ
The bee hovering eternally at the lotus feet of Rama
श्रीराम के चरण-कमलों पर भ्रमर की भाँति सदा मँडराने वाले, राम-प्रेम में मग्न
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
राम
Lord Rama
भगवान श्रीराम
पाद
feet
चरण, पैर
अब्ज
lotus
कमल
भृङ्ग
bee, black bee
भ्रमर, भौंरा
आधुनिक संदर्भ
जैसे भौंरा कमल से हटता ही नहीं, वैसे ही हनुमान राम के चरणों से कभी नहीं हटते। यह सर्वोच्च भक्ति का प्रतीक है। जब किसी से इतना प्रेम हो कि उनके बिना जीवन अधूरा लगे, चाहे गुरु हो, इष्ट देव हो, या जीवनसाथी, वही भ्रमर-भाव है। तुलसीदास जी का राम-प्रेम भी इसी भाव से ओतप्रोत है।
कब जपें
ॐChant during intense devotional absorption, Ramayana recitation, or when deepening the personal bond with Rama. Ideal during solitary evening dhyana.
और भक्ति नाम
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