ॐ सर्वशक्तिधराय नमः
सर्वशक्तिधर
Sarvaśaktidharāya
Root: sarva (all) + śakti (power, energy) + dhara (bearer, holder)
अर्थ
Bearer and holder of all powers and cosmic energies
समस्त शक्तियों के धारक, जिनमें ब्रह्माण्ड की सभी ऊर्जाएँ समाहित हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सभी, समस्त
शक्ति
power, energy, force
शक्ति, ऊर्जा, बल
धर
bearer, holder
धारण करने वाला
आधुनिक संदर्भ
हनुमान चालीसा में लिखा है 'अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता' और सर्वशक्तिधर नाम इसी की पुष्टि करता है। जब लगे कि हर तरफ से शक्ति चुक गई है, शारीरिक भी और मानसिक भी, तब इस नाम का जप सम्पूर्ण ऊर्जा का पुनर्भरण करता है। नवरात्रि में शक्ति की उपासना के साथ सर्वशक्तिधर हनुमान का भी स्मरण करें।
कब जपें
ॐChant during Navratri, when completely exhausted, or when seeking to access reserves of power you did not know you had. Effective during evening Hanuman Chalisa with deep breathing.
और शक्ति नाम
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