ॐ सर्वमन्त्रमहार्णवाय नमः
सर्वमन्त्रमहार्णव
Sarvamantramahārṇavāya
Root: sarva (all) + mantra (sacred chant) + mahā (great) + arṇava (ocean)
अर्थ
The great ocean containing all mantras within its depths
सम्पूर्ण मन्त्रों का महासागर, जिनमें हर मन्त्र की गहराई समाहित है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सभी
मन्त्र
sacred chant
मन्त्र
महा
great
महान
अर्णव
ocean
सागर, महासमुद्र
आधुनिक संदर्भ
समुद्र में जैसे असंख्य रत्न छिपे हैं, हनुमान में असंख्य मन्त्र छिपे हैं। गायत्री, महामृत्युंजय, नवग्रह, षोडशी, और लाखों अन्य मन्त्र, सब हनुमान-सागर में हैं। जो केवल हनुमान चालीसा जानता है, वह actually सर्वमन्त्रमहार्णव को ही जप रहा है, क्योंकि हनुमान में सब मन्त्र समाहित हैं। Mantra-diksha लेने वालों को सबसे पहले इस नाम का जप करना चाहिए।
कब जपें
ॐChant before mantra-diksha, during mantra study, or when acknowledging that Hanuman is the master key to every sacred chant in existence.
और विद्या नाम
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