ॐ सर्वशत्रुविजेत्रे नमः
सर्वशत्रुविजेतृ
Sarvaśatruvijitre
Root: sarva (all) + śatru (enemy) + vijetṛ (conqueror, vanquisher)
अर्थ
The supreme conqueror and vanquisher of all enemies
समस्त शत्रुओं पर विजय पाने वाले, हर दुश्मन को जीतने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सभी
शत्रु
enemy
शत्रु, दुश्मन
विजेतृ
conqueror, vanquisher
विजेता, जीतने वाला
आधुनिक संदर्भ
गीता में छह आन्तरिक शत्रु बताये गये हैं: काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, और मात्सर्य। सर्वशत्रुविजेतृ हनुमान इन छहों को जीतते हैं। बाहरी शत्रु (competitors, adversaries) से लड़ने से पहले भीतरी शत्रुओं को जीतना ज़रूरी है। Competitive exam में rival से पहले अपने आलस्य पर विजय पाएँ। Court case से पहले अपने क्रोध पर विजय पाएँ। यही सच्ची शत्रु-विजय है।
कब जपें
ॐChant when facing competition, before battles of any kind, or when inner enemies need conquering before external challenges.
और साहस नाम
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