ॐ सर्वपुण्यफलप्रदाय नमः
सर्वपुण्यफलप्रद
Sarvapuṇyaphalapradāya
Root: sarva (all) + puṇya (merit) + phala (fruit) + prada (giver)
अर्थ
Giver of the fruit of all accumulated merit and holy deeds
सभी पुण्य-कर्मों का फल देने वाले, हर शुभ कार्य का प्रतिफल प्रदान करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सभी
पुण्य
merit, holy deed
पुण्य, शुभ कर्म
फल
fruit, result
फल
प्रद
giver
देने वाला
आधुनिक संदर्भ
पुण्य-कर्मों का फल तुरन्त नहीं मिलता, accumulated interest की तरह बढ़ता रहता है। सर्वपुण्यफलप्रद हनुमान उस accumulated merit का फल सही समय पर देते हैं। 20 साल सेवा करने के बाद जो recognition मिले, या जीवनभर ईमानदारी से जीने का जो सुख मिले, वही पुण्य-फल है। Fixed deposit maturity जैसे पुण्य भी mature होकर फल देता है।
कब जपें
ॐChant when merit seems unrewarded, during Pitru Paksha, or when patience for punya-phala delivery needs divine reinforcement.
और समृद्धि नाम
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