ॐ सर्वभक्तहृदयेशाय नमः
सर्वभक्तहृदयेश
Sarvabhaktahṛdayeśāya
Root: sarva (all) + bhakta (devotee) + hṛdaya (heart) + īśa (lord)
अर्थ
The supreme lord enthroned within the heart of every devotee
सभी भक्तों के हृदय के ईश (स्वामी), हर दिल में राज करने वाले परम प्रभु
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सभी
भक्त
devotee
भक्त
हृदय
heart
हृदय
ईश
lord
ईश, स्वामी
आधुनिक संदर्भ
950वाँ नाम एक महत्वपूर्ण near-final milestone है, Sahasranama का 95% पूर्ण, और इसे हृदय-ईश (heart's lord) पर स्थापित किया गया है। हनुमान हर भक्त के दिल के राजा हैं। जब कहते हैं 'दिल में राम बसते हैं', actually हनुमान ही राम को दिल में बसाते हैं। 950 नामों की यात्रा पूर्ण करने पर 'ॐ सर्वभक्तहृदयेशाय नमः' का 108 बार जप करें। अन्तिम 50 नामों की countdown अब शुरू होती है, और हनुमान दिल के सिंहासन पर विराजमान हैं।
कब जपें
ॐChant as the 950-name milestone with 108-round japa. The heart's throne is Hanuman's. 950 names complete, 95% of the sacred thousand. Only 50 remain.
और भक्ति नाम
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