ॐ अक्षरायै नमः
अक्षरा
Akṣarā
Root: a + kṣara
अर्थ
She who is imperishable, undecaying, and eternal
जो अक्षरा, अविनाशी और नित्य हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अ
not, without
नहीं, बिना
क्षर
perishable, decaying
नश्वर, क्षयशील
अक्षर
imperishable; sacred syllable
अविनाशी; अक्षर
आधुनिक संदर्भ
अक्षरा अविनाशी हैं, सब परिवर्तन के नीचे स्थित शाश्वत आधार। संस्कृत में अक्षर का अर्थ 'वर्ण' या 'अक्षर' भी है, जो लक्ष्मी को वर्णमाला से जोड़ता है, समस्त ज्ञान की आधारशिला। भारतीय दर्शन में अक्षर (अविनाशी) ब्रह्म की तुलना क्षर (नाशवान) संसार से की जाती है। जब तमिलनाडु में दादी विजयादशमी पर पोते को रेत में 'ॐ' लिखना सिखाती हैं, वे अक्षरा का सम्प्रेषण करती हैं। जगत बदलता है, पर पवित्र अक्षर शेष रहता है।
कब जपें
ॐChant during meditation on the eternal, mantra japa, Vedanta contemplation, or when seeking what remains beyond change.
और मोक्ष नाम
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