ॐ महास्तुताय नमः
महास्तुतः
Mahāstutaḥ
Root: mahā + stuta
अर्थ
The greatly praised, whose glories are celebrated across all traditions and all times in the countless hymns, stotras, and sacred songs that humanity has raised in his honour
महान प्रशंसित, जिनकी महिमाओं का उत्सव सभी परंपराओं और सभी समयों में अनगिनत भजनों, स्तोत्रों और पवित्र गीतों में मनाया जाता है जो मानवता ने उनके सम्मान में गाए हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
महा
great, supreme
महान, परम
स्तुत
praised, celebrated, the object of hymns
स्तुत, प्रशंसित, भजन का विषय
आधुनिक संदर्भ
महास्तुत (महान प्रशंसित) शिव को संस्कृत परंपरा में सबसे व्यापक प्रशंसा साहित्य के विषय के रूप में स्वीकार करता है। शिव-संबंधित स्तोत्रों में संस्कृत की कुछ महानतम साहित्यिक उपलब्धियाँ शामिल हैं: पुष्पदंत का शिवमहिम्न स्तोत्र, आदि शंकर का शिवापराधक्षमापण, शिवानंदलहरी, शिव ताण्डव स्तोत्र, और तमिल में सैकड़ों तेवारम भजन। महाशिवरात्रि के सारी रात के भजन परंपराएँ वाराणसी से तिरुवण्णामलाई तक: सभी महास्तुत के निमंत्रण की अभिव्यक्तियाँ हैं।
कब जपें
ॐChant to acknowledge Shiva as the most widely praised deity in the Indian tradition, and to join the vast chorus of voices across time that have celebrated his names.
और भक्ति नाम
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