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ॐ शिवमूर्तिधृषे नमः

शिवमूर्तिधृक्

Śivamūrtidhṛk

Root: śiva + mūrti + dhṛk

Devotion·भक्ति
Meaning

अर्थ

Bearer of Shiva's auspicious form, the one who holds and carries the sacred iconic form of Shiva , making the deity's presence tangible, accessible, and transformative through form

शिव के मंगलमय रूप के धारक, वह जो शिव के पवित्र प्रतीकात्मक रूप को धारण और वहन करते हैं , रूप के माध्यम से देव की उपस्थिति को मूर्त, सुलभ और परिवर्तनकारी बनाते हैं

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

शिव

auspicious, Shiva

शिव, मंगलमय

मूर्ति

form, divine image, the sacred icon

मूर्ति, दिव्य छवि, पवित्र प्रतिमा

धृक्

bearer, holder, the one who carries

धृक्, धारक, वाहक

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

शिवमूर्तिधृक् (शिव के मंगलमय रूप के धारक) एक ऐसा नाम है जो दिव्य रूप-धारण के गहरे धर्मशास्त्रीय प्रश्न से सीधे संलग्न है। विरोधाभास: शिव निर्गुण (निराकार) और सगुण (रूप के साथ) दोनों हैं। शिवमूर्तिधृक् सगुण आयाम को नामित करता है। शिल्पशास्त्र परंपरा की सटीक निर्देशिकाएँ इसी पर आधारित हैं: रूप मनमाना नहीं है बल्कि शिव का अपना चुना हुआ स्व-प्रस्तुति है। मूर्ति-प्रतिष्ठा की परंपरा शिवमूर्तिधृक् के सिद्धांत की अनुष्ठानिक अभिव्यक्ति है।

When to Chant

कब जपें

Chant to honour Shiva as the bearer of his own auspicious form , affirming the paradox that the formless divine freely takes form for the sake of devotees who need form to approach.

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