ॐ त्रिपुरान्तकाय नमः
त्रिपुरान्तकः
Tripurāntakaḥ
Root: tri + pura + antaka
अर्थ
Destroyer of the three cities of Tripura, who burned the three demon fortresses with a single cosmic arrow
त्रिपुर के तीन नगरों का विनाशक, जिन्होंने एक ब्रह्माण्डीय बाण से तीन दैत्य-दुर्गों को जला दिया
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
त्रि
three
तीन
पुर
city, fortress, fortified place
नगर, किला
अन्तक
ender, destroyer
अन्त करने वाला
आधुनिक संदर्भ
लिंग पुराण का त्रिपुरान्तक प्रसंग समस्त शैव साहित्य में सबसे शानदार पौराणिक कथाओं में से एक है। असुर माया द्वारा ताराक्ष, विद्युन्माली और कमलाक्ष के लिए आकाश में बनाए गए सोने, चाँदी और लोहे के तीन दैत
कब जपें
ॐChant to overcome the three kinds of ego-fortress: the pride of birth, the pride of learning, and the pride of wealth.
और संहार नाम
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