ॐ महायशसे नमः
महायशसः
Mahāyaśasaḥ
Root: mahā + yaśas
अर्थ
Of supreme glory and renown, whose yaśas (fame, glory, the quality of being celebrated across all worlds) is the most complete and enduring in all existence
परम महिमा और ख्याति के, जिनका यशस् (प्रसिद्धि, महिमा, सभी लोकों में सम्मानित होने की गुणवत्ता) समस्त अस्तित्व में सबसे पूर्ण और स्थायी है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
महा
great, supreme
महान, परम
यशस्
glory, fame, renown, the quality of being celebrated
यशस्, महिमा, प्रसिद्धि, सम्मानित होने की गुणवत्ता
आधुनिक संदर्भ
महायशस (परम महिमा और ख्याति के) शिव को उस सत्ता के रूप में नामित करता है जिनका यशस् सबसे महान है। शिव का महायशस विशिष्ट रूप से व्यापक है: उन्हें वेदों (रुद्र के रूप में), पुराणों, तमिल शैव साहित्य, कश्मीरी दर्शन, मंदिर वास्तुकला, शास्त्रीय संगीत में मनाया जाता है। शिव महिम्न स्तोत्र का शीर्षक ही महायशस का नामकरण है। नायनमारों का तेवारम, संस्कृत साहित्य के विभिन्न शिव-स्तुति, वाराणसी के घाटों पर सुबह गाए गए भजन: सभी महायशस का उत्सव मनाने में मानवीय भागीदारी हैं।
कब जपें
ॐChant to honour Shiva's supreme glory , the yaśas that has been celebrated in hymns, epics, temples, and devotional traditions across the entire span of Indian civilisation.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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