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ॐ शिवार्चितपदाय नमः

शिवार्चितपदः

Śivārcitapadaḥ

Root: śiva + arcita + pada

Devotion·भक्ति
Meaning

अर्थ

Whose feet are worshipped as Shiva, whose very footstep is sacred , the divine whose presence consecrates every place his feet touch and every path his journey takes

जिनके चरण शिव के रूप में पूजित हैं, जिनके कदम ही पवित्र हैं , वह दिव्य जिनकी उपस्थिति हर उस स्थान को पवित्र करती है जिसे उनके पैर स्पर्श करते हैं और हर उस मार्ग को जिसे उनकी यात्रा लेती है

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

शिव

auspicious, Shiva

शिव, मंगलमय

अर्चित

worshipped, venerated, made sacred

अर्चित, पूजित, पवित्र बनाया गया

पद

foot, step, the sacred foot of the divine

पद, चरण, दिव्य का पवित्र चरण

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

शिवार्चितपद (जिनके चरण शिव के रूप में पूजित हैं) बैच 12 को पाद-पूजा (दिव्य चरणों की पूजा) के भक्ति कार्य को उन चरणों की विशिष्ट शिव गुणवत्ता के साथ जोड़ने वाले नाम के साथ बंद करता है। भारतीय भक्ति परंपरा में, गुरु या देवता के चरण (पाद, चरण) रूप का सबसे पवित्र भाग है। भारत की तीर्थयात्रा परंपरा इसे शाब्दिक रूप से मानचित्रित करती है: उपमहाद्वीप में पवित्र स्थलों पर संरक्षित दिव्य चरणों के निशान (पादुका) , श्रीपाद से गया के विष्णुपाद तक , सभी शिवार्चितपद के सिद्धांत की अभिव्यक्तियाँ हैं।

When to Chant

कब जपें

Chant to honour Shiva's sacred feet , the śivārcita-pada (the foot worshipped as Shiva) that consecrates the earth wherever it touches, making the very ground of existence sacred.

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