ॐ नीरागाय नमः
नीरागः
Nīrāgaḥ
Root: nis + rāga
अर्थ
Free from all passion and attachment-colouring, in whom there is no rāga (the attraction-attachment that colours perception and creates craving) , the perfectly clear divine awareness prior to all desire-colouring
सभी आसक्ति-रंग से मुक्त, जिनमें कोई राग (वह आकर्षण-आसक्ति जो धारणा को रंगती और लालसा उत्पन्न करती है) नहीं है , समस्त इच्छा-रंग से पहले परिपूर्ण स्पष्ट दिव्य जागरूकता
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
निस्
without, free from
निस्, बिना
राग
passion, attachment-colouring, the craving that colours perception
राग, आसक्ति-रंग, वह लालसा जो धारणा को रंगती है
आधुनिक संदर्भ
नीराग (सभी आसक्ति-रंग से मुक्त) शिव को राग से मुक्ति के माध्यम से नामित करता है , योग मनोविज्ञान में चेतना के तीन मूलभूत दोषों में से एक (राग, द्वेष, मोह)। पतंजलि के योग सूत्र राग को पाँच क्लेशों में से एक के रूप में पहचानते हैं जो चेतना को बाँधते हैं। शिव नीराग के रूप में राग के पूरी तरह विलीन होने पर चेतना कैसी दिखती है इसका जीवंत आदर्श हैं। भारत का वैराग्य का वेदांत अभ्यास और बौद्ध उपेक्खा (समभाव) की साधना दोनों नीराग की गुणवत्ता की ओर संकेत करती है।
कब जपें
ॐChant to invoke Shiva's perfect freedom from rāga , the attraction that colours ordinary consciousness , as a model for the dispassion that liberates.
और मोक्ष नाम
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