ॐ शिवानन्दस्वरूपिणे नमः
शिवानन्दस्वरूपी
Śivānandasvarūpī
Root: śiva + ānanda + svarūpin
अर्थ
The one whose very svarūpa (essential nature, own-form) IS Śivānanda , not merely one who experiences or bestows auspicious bliss, but the divine whose fundamental nature is constituted of that bliss itself
वह जिनका अपना स्वरूप (आवश्यक प्रकृति, स्व-रूप) शिवानंद ही है , न केवल वह जो मंगलमय आनंद का अनुभव करते या प्रदान करते हैं, बल्कि वह दिव्य जिनकी मूलभूत प्रकृति स्वयं उस आनंद से निर्मित है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शिव
auspicious, Shiva
शिव, मंगलमय
आनन्द
bliss, supreme joy
आनन्द, परमसुख
स्वरूपिन्
one whose svarūpa (essential form) IS this
स्वरूपी, वह जिनका स्वरूप यही है
आधुनिक संदर्भ
शिवानंदस्वरूपी (वह जिनकी आवश्यक प्रकृति शिवानंद है) बैच 21 को उस नाम के साथ खोलता है जो स्वरूपी प्रत्यय का उपयोग करता है। उपनिषद का सूत्र 'सच्चिदानंद' शिवानंदस्वरूपी है अपने सबसे संक्षिप्त रूप में: शिव की आवश्यक प्रकृति सत् (होना), चित् (चेतना), और आनंद (परमसुख) है अविभाज्य रूप से एकीकृत। जीवन्मुक्त (जीवित-मुक्त) की भारत की परंपरा उन मनुष्यों का वर्णन करती है जिन्होंने अपने स्वरूप को शिवानंदस्वरूपी के रूप में साकार किया है।
कब जपें
ॐChant to invoke Shiva as the embodiment of auspicious bliss , the Śivānandasvarūpī whose own essential nature is the most complete possible expression of the divine bliss.
और मोक्ष नाम
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