ॐ सहस्रपादाय नमः
सहस्रपाद
Sahasrapāda
Root: sahasra (thousand) + pāda (foot)
अर्थ
The thousand-footed one, present everywhere at once
जिनके हज़ार चरण हैं, जो हर स्थान पर एक साथ विराजमान हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सहस्र
thousand
हज़ार
पाद
foot
चरण, पैर
आधुनिक संदर्भ
पुरुष सूक्त में भी सहस्रपाद का वर्णन है — ईश्वर के चरण हर जगह हैं। कांवड़ यात्रा में जब लाखों भक्त नंगे पैर चलते हैं हरिद्वार से अपने गाँव तक, तो हर कदम में शिव के चरण हैं। चारधाम यात्रा पर — केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री — जो बुज़ुर्ग पहाड़ चढ़ते हैं, उनके थके पैरों में भी सहस्रपाद शिव की शक्ति है। Marathon runners और morning walkers भी अनजाने में सहस्रपाद की साधना कर रहे होते हैं।
कब जपें
ॐChant during yatra and pilgrimage walks. Ideal for Kanwar Yatra and Chardham Yatra. Invoke when undertaking long journeys on foot. Powerful during padayatra and walkathon events.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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