ॐ सर्वप्रियाय नमः
सर्वप्रिय
Sarvapriya
Root: sarva + priya
अर्थ
He who is dear to all and to whom all are dear
सबके प्रिय और सबको प्रिय मानने वाले, सार्वभौम प्रेमी
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, everyone
सब, सभी
प्रिय
dear, beloved, cherished
प्रिय, प्यारा
आधुनिक संदर्भ
गीता में कृष्ण कहते हैं 'समोऽहं सर्वभूतेषु' — मैं सब प्राणियों में समान हूँ। सर्वप्रिय भगवान जाति, धर्म, भाषा, लिंग के भेद से परे सबसे प्रेम करते हैं। जब तिरुमला में हिन्दी बोलने वाला और तमिल बोलने वाला एक ही कतार में खड़ा हो, जब मुस्लिम ड्राइवर भक्त को तिरुपति पहुँचाए, वह सर्वप्रिय का संसार है।
कब जपें
ॐChant during interfaith gatherings, community events, or when practising universal love. Ideal during Gandhi Jayanti, UN-related observances, and when teaching children about equality.
और प्रेम नाम
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