ॐ सर्वयज्ञफलप्रदाय नमः
सर्वयज्ञफलप्रद
Sarvayajñaphalaprada
Root: sarva + yajña + phala + prada
अर्थ
The bestower of the fruit of every sacrifice ever performed
सम्पूर्ण यज्ञों का फल प्रदान करने वाले, हर आहुति का परिणाम देने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब
यज्ञ
sacrifice, sacred fire ritual
यज्ञ, हवन
फल
fruit, result
फल, परिणाम
प्रद
bestower, giver
देने वाला
आधुनिक संदर्भ
गीता में पाँच प्रकार के यज्ञ बताए गए हैं — द्रव्य यज्ञ (दान), तप यज्ञ (तपस्या), योग यज्ञ, स्वाध्याय यज्ञ (पढ़ाई), और ज्ञान यज्ञ। सर्वयज्ञफलप्रद इन सबका फल देते हैं। जब किसान खेत में मेहनत करे (तप यज्ञ), जब शिक्षक पढ़ाए (ज्ञान यज्ञ), जब दुकानदार ईमानदारी से व्यापार करे (द्रव्य यज्ञ) — सब यज्ञ हैं और उनका फल भगवान देते हैं।
कब जपें
ॐChant during havan, when performing any type of yajna, or during Gita Chapter 4 study. Ideal during Purnahuti and when reflecting on work-as-worship.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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