ॐ सर्ववशीकराय नमः
सर्ववशीकर
Sarvavasīkara
Root: sarva + vaśīkara
अर्थ
He who attracts and brings all beings under his divine spell
सबको वश में (आकर्षित) करने वाले, सम्पूर्ण सृष्टि को मोहित करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब
वशीकर
one who attracts, who brings under spell, enchanter
वश में करने वाला, आकर्षक
आधुनिक संदर्भ
कृष्ण की बाँसुरी गोपियों को वश में करती थी, राम की मर्यादा वानरों को, बालाजी की मूर्ति करोड़ों भक्तों को। सर्ववशीकर भगवान बिना बल के, सिर्फ़ प्रेम और सौन्दर्य से सबको आकर्षित करते हैं। जब तिरुमला में बालाजी का दर्शन हो और भक्त मन्त्रमुग्ध खड़ा रह जाए — सर्ववशीकर ने अपना जादू चलाया। यह वशीकरण प्रेम का है, बल का नहीं।
कब जपें
ॐChant when feeling the irresistible pull of devotion, during Krishna bhajans, or when the Lord's beauty captivates. Ideal during Janmashtami and when darshan overwhelms the senses.
और प्रेम नाम
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