ॐ सर्वानन्दप्रदायकाय नमः
सर्वानन्दप्रदायक
Sarvānandapradāyaka
Root: sarva + ānanda + pradāyaka
अर्थ
The bestower of every type of bliss and divine ecstasy
सम्पूर्ण आनन्द प्रदान करने वाले, हर प्रकार का दिव्य सुख देने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब
आनन्द
bliss, supreme joy, ecstasy
आनन्द, परम सुख
प्रदायक
bestower, provider, giver
देने वाला, प्रदाता
आधुनिक संदर्भ
तैत्तिरीय उपनिषद् आनन्द की परतें बताता है — मनुष्य-आनन्द, गन्धर्व-आनन्द, देव-आनन्द, इन्द्र-आनन्द, बृहस्पति-आनन्द, प्रजापति-आनन्द, ब्रह्मानन्द। सर्वानन्दप्रदायक ये सब और इनसे परे का आनन्द देते हैं। जब कीर्तन में नाचते हुए अकारण आनन्द आए, जब ध्यान में बिना किसी बाहरी कारण के सुख मिले — सर्वानन्दप्रदायक ने भीतर से आनन्द का नल खोला।
कब जपें
ॐChant during bliss-oriented meditation, ecstatic kirtan, or when studying Taittiriya Upanishad's Anandavalli. Ideal during Janmashtami and when joy arises without reason.
और प्रेम नाम
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