ॐ सर्वकालस्थिताय नमः
सर्वकालस्थित
Sarvakālasthita
Root: sarva + kāla + sthita
अर्थ
He who exists permanently in every moment of every age
सम्पूर्ण कालों में स्थित, हर युग के हर क्षण में विराजमान
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब
काल
time, age, moment
काल, समय, युग
स्थित
established, present, existing
स्थित, विराजमान, उपस्थित
आधुनिक संदर्भ
सत्ययुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग, कलियुग — चारों युगों में भगवान स्थित हैं। सर्वकालस्थित भगवान न अतीत में थे और अब नहीं, न भविष्य में होंगे और अभी नहीं — वे सदा, हर क्षण, हर युग में हैं। जब सिन्धु सभ्यता में पशुपति की मुहर बनी (5000 वर्ष पूर्व), जब आज AI युग में गीता पढ़ी जाती है — सर्वकालस्थित दोनों कालों में उतने ही जीवन्त हैं।
कब जपें
ॐChant when contemplating timelessness, during New Year reflections, or when the permanence of dharma inspires awe. Ideal during Yugadi/Ugadi and when studying yuga theory.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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