ॐ सर्वकल्मषनाशकाय नमः
सर्वकल्मषनाशक
Sarvakalmaṣanāśaka
Root: sarva + kalmaṣa + nāśaka
अर्थ
He who destroys every stain and impurity of the soul
सम्पूर्ण कल्मष (मलिनता/अपवित्रता) को नष्ट करने वाले, आत्मा के हर दाग मिटाने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब
कल्मष
stain, impurity, sin, taint
कल्मष, मलिनता, पाप का दाग
नाशक
destroyer, remover
नाशक, दूर करने वाला
आधुनिक संदर्भ
गीता में कृष्ण कहते हैं 'नहि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते' — ज्ञान से अधिक पवित्र कुछ नहीं, 'ज्ञानाग्निः सर्वकर्माणि भस्मसात्कुरुते' — ज्ञान की अग्नि सब कर्मों को भस्म कर देती है। सर्वकल्मषनाशक वही ज्ञान-अग्नि जलाते हैं। जब तिरुमला दर्शन के बाद मन हल्का लगे, जब गीता पढ़कर पुराने पछतावे घुलें — कल्मष नष्ट हो रहा है।
कब जपें
ॐChant during purification rituals, Ganga snan, or when the soul feels stained. Ideal during Gita Chapter 4 study, Kartik snan, and when spiritual cleansing is urgently needed.
और पवित्रता नाम
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