ॐ सर्वभोगफलप्रदाय नमः
सर्वभोगफलप्रद
Sarvabhogaphalaprada
Root: sarva + bhoga + phala + prada
अर्थ
The bestower of the fruits of every dharmic enjoyment
सम्पूर्ण भोगों का फल देने वाले, हर धार्मिक आनन्द का प्रतिफल प्रदान करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
भोग
enjoyment, experience
भोग, अनुभव
फल
fruit, result
फल
प्रद
bestower
देने वाला
आधुनिक संदर्भ
भोग और योग — दोनों पुरुषार्थ हैं। सर्वभोगफलप्रद भोग का भी फल देते हैं — पर धार्मिक सीमा में। जब परिवार संग त्योहार मनाएँ (धार्मिक भोग), जब सात्त्विक भोजन का आनन्द लें, जब प्रकृति में घूमकर शान्ति पाएँ — सब का फल भगवान देते हैं। भोग स्वयं पाप नहीं — अधार्मिक भोग पाप है। धार्मिक भोग तो पूजा है।
कब जपें
ॐChant during dharmic celebrations, when enjoying life's blessings, or when the relationship between enjoyment and dharma needs clarifying. Ideal during festival feasts and Annakut.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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