ॐ सर्वलोकप्रकाशकाय नमः
सर्वलोकप्रकाशक
Sarvalokaprakāśaka
Root: sarva + loka + prakāśaka
अर्थ
He who illuminates every world with divine light and knowledge
सम्पूर्ण लोकों को प्रकाशित करने वाले, सब संसारों में ज्ञान-ज्योति फैलाने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
लोक
world
लोक
प्रकाशक
illuminator, one who lights up
प्रकाशक, प्रकाशित करने वाला
आधुनिक संदर्भ
गीता कहती है 'न तद्भासयते सूर्यः' — उस प्रकाश को सूर्य भी प्रकाशित नहीं कर सकता। सर्वलोकप्रकाशक सूर्य से भी ऊपर का प्रकाश-स्रोत हैं। जब ISRO का Aditya-L1 सूर्य का अध्ययन करे, वह एक तारे की रोशनी जाँच रहे हैं — सर्वलोकप्रकाशक अरबों तारों से भी अधिक प्रकाशमान हैं। 'तमसो मा ज्योतिर्गमय' — वह ज्योति सर्वलोकप्रकाशक हैं।
कब जपें
ॐChant during Diwali, Gayatri japa, or when divine light needs to dispel darkness. Ideal during Kartik deep-daan and when studying Gita Chapter 15 on the supreme light.
और विद्या नाम
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