ॐ सर्वभक्तजनप्रियाय नमः
सर्वभक्तजनप्रिय
Sarvabhaktajanapriya
Root: sarva + bhakta + jana + priya
अर्थ
He who is dear to every community of devotees everywhere
सम्पूर्ण भक्तजनों (भक्त-समुदायों) के प्रिय, हर भक्त-समाज के आराध्य
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all, every
सब
भक्त
devotee
भक्त
जन
people, community
जन, समुदाय
प्रिय
dear, beloved
प्रिय
आधुनिक संदर्भ
भक्तजन — भक्तों का समुदाय। सर्वभक्तजनप्रिय हर भक्त-समुदाय के प्रिय हैं — श्रीवैष्णव, माध्व, स्मार्त, ISKCON, चिन्मय मिशन — सब सम्प्रदायों के भक्त भगवान से प्रेम करते हैं और भगवान सबसे। जब तिरुमला में हर सम्प्रदाय के भक्त एक कतार में खड़े हों — सब एक ही प्रिय की ओर जा रहे हैं।
कब जपें
ॐChant during ecumenical Hindu gatherings, multi-sampradaya events, or when community unity needs divine affirmation. Ideal during Kumbh Mela and pan-Hindu celebrations.
और प्रेम नाम
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