ॐ सर्वलोकमहाप्रेमिणे नमः
सर्वलोकमहाप्रेमी
Sarvalokamahāpremī
Root: sarva + loka + mahā + premī
अर्थ
The supreme lover who loves every world with boundless divine love
सम्पूर्ण लोकों के महान प्रेमी, सब संसारों से अपार दिव्य प्रेम करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सर्व
all
सब
लोक
world
लोक
महा
great, supreme
महान
प्रेमी
lover, one who loves
प्रेमी
आधुनिक संदर्भ
महा-प्रेमी — सबसे बड़ा प्रेमी। सर्वलोकमहाप्रेमी भगवान सब लोकों से सबसे गहरा प्रेम करते हैं — माता-पिता का प्रेम बच्चों तक, मित्र का मित्र तक — भगवान का प्रेम सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड तक। कृष्ण ने गोपियों से प्रेम किया, राम ने सीता से, बालाजी पद्मावती से — पर सर्वलोकमहाप्रेमी सबसे प्रेम करते हैं। 18 नाम शेष — प्रेम-नाम — यात्रा प्रेम से समाप्त होगी।
कब जपें
ॐChant when divine love overwhelms, during Prema Bhakti meditation, or when the greatest love needs naming. Ideal during the Sahasranama's love-filled conclusion.
और प्रेम नाम
← → arrow keys to navigate