ॐ अव्यङ्गाय नमः
अव्यङ्गः
Avyaṅgaḥ
Root: a + vyaṅga
अर्थ
The one without any deficiency, complete in every limb and aspect
जिनमें कोई अंग-दोष या कमी नहीं, सर्वांग सम्पूर्ण
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अ
without
बिना
व्यङ्ग
deficiency, defect, incompleteness
कमी, दोष, अपूर्णता
आधुनिक संदर्भ
मूर्तिकार जब मंदिर के लिए भगवान की मूर्ति बनाता है, तो शिल्पशास्त्र के अनुसार हर अंग का सही अनुपात ज़रूरी होता है। महाबलीपुरम के पत्थर के शिल्प हों या तंजावुर की कांस्य मूर्तियाँ, हर कलाकार अव्यङ्ग (दोषरहित) मूर्ति बनाने का प्रयास करता है। भगवान स्वयं अव्यङ्ग हैं, उनमें कोई कमी नहीं। यह नाम कलाकारों और शिल्पकारों की प्रेरणा है।
कब जपें
ॐChant during murti pratishtha (installation), before any creative project, or when meditating on the Lord's complete and perfect form.
और भक्ति नाम
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