ॐ चतुरात्मने नमः
चतुरात्मा
Caturātmā
Root: catur + ātman
अर्थ
The four-fold Self manifesting as Vasudeva, Sankarshana, Pradyumna, Aniruddha
चार रूपों (वासुदेव, संकर्षण, प्रद्युम्न, अनिरुद्ध) में प्रकट होने वाली आत्मा
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
चतुर्
four
चार
आत्मा
self, manifestation
आत्मा, रूप
आधुनिक संदर्भ
पाञ्चरात्र सम्प्रदाय में भगवान के चार व्यूह (विस्तार) बताए गए हैं: वासुदेव, संकर्षण, प्रद्युम्न, और अनिरुद्ध। जैसे एक कम्पनी के चार विभाग होते हैं लेकिन CEO एक ही है, वैसे ही चतुरात्मा एक ही हैं लेकिन चार रूपों में काम करते हैं। दक्षिण भारतीय मंदिरों में इन चार व्यूहों की मूर्तियाँ अलग-अलग सन्निधि में दिखती हैं।
कब जपें
ॐChant during Pancharatra-based puja, when studying the vyuha concept, or when visiting South Indian temples with multiple sanctums.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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