ॐ भोक्त्रे नमः
भोक्ता
Bhoktā
Root: bhuj
अर्थ
The supreme enjoyer who receives all offerings
परम भोक्ता, जो सभी अर्पणों को ग्रहण करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
भोक्ता
enjoyer, experiencer, receiver of offerings
भोगने वाले, अनुभव करने वाले
आधुनिक संदर्भ
पूजा में नैवेद्य (भोग) चढ़ाना सबसे महत्वपूर्ण अंग है। चाहे पंचामृत हो, छप्पन भोग हो, या सिर्फ़ एक तुलसी पत्ता, भोक्ता भगवान उसे प्रेम से ग्रहण करते हैं। नाथद्वारा में श्रीनाथजी को आठ बार भोग लगाया जाता है। ISKCON मंदिरों में भी भोग लगाने के बाद ही भक्तों को प्रसाद मिलता है। भोक्ता बताता है कि भगवान भी 'खाते' हैं, भक्ति का स्वाद।
कब जपें
ॐChant while offering bhog/naivedya, during cooking for the Lord, at ISKCON-style prasad services, or before every meal as a reminder that God partakes first.
और भक्ति नाम
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