ॐ शतानन्दाय नमः
शतानन्दः
Śatānandaḥ
Root: śata + ānanda
अर्थ
The one who possesses a hundredfold infinite bliss
जिनके पास सैकड़ों (अनन्त) आनन्द हैं, परम सुखमय
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शत
hundred, countless
सौ, अनगिनत
आनन्द
bliss, joy, divine happiness
आनन्द, परम सुख
आधुनिक संदर्भ
तैत्तिरीय उपनिषद में आनन्द की परिभाषा दी गई है: ब्रह्मानन्द मनुष्य के आनन्द से अरबों गुना बड़ा है। शतानन्द भगवान वो हैं जिनमें अनगिनत स्तर का आनन्द है। जब होली पर रंगों में भीगते हैं, जन्माष्टमी पर दही-हांडी तोड़ते हैं, या दुर्गा पूजा में ढाक की थाप पर नाचते हैं, तो वो शतानन्द का एक छोटा-सा अंश अनुभव करते हैं।
कब जपें
ॐChant during festivals when joy overflows, when studying the Taittiriya Upanishad's ananda section, or when the heart is heavy and needs a reminder that bliss is the Lord's nature.
और उपचार नाम
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