ॐ अप्रतिरथाय नमः
अप्रतिरथः
Apratirathḥ
Root: a + prati + ratha
अर्थ
He who has no opposing chariot warrior, the matchless one
जिनका कोई प्रतिद्वन्द्वी रथी नहीं, अतुलनीय योद्धा
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
अ
without, no
बिना, नहीं
प्रतिरथ
rival chariot warrior, opponent
प्रतिद्वन्द्वी रथी, विरोधी योद्धा
आधुनिक संदर्भ
महाभारत में कृष्ण स्वयं अर्जुन के सारथी बने। उनका रथ रणभूमि में अजेय था क्योंकि भगवान स्वयं उस पर थे। अप्रतिरथ का अर्थ है कि उनके रथ के सामने कोई टिक नहीं सकता। भारतीय सेना के अर्जुन टैंक और तेजस विमान का नामकरण भी इसी योद्धा-परम्परा से है। जब सैनिक LOC पर खड़े होते हैं, अप्रतिरथ भगवान की शक्ति उनके साथ है।
कब जपें
ॐChant on Army Day, before any competition, during Mahabharata study, or when facing a formidable opponent in any arena.
और शक्ति नाम
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