ॐ त्रिलोकात्मने नमः
त्रिलोकात्मा
Trilokātmā
Root: tri + loka + ātman
अर्थ
The inner Self dwelling within all three cosmic worlds
तीनों लोकों (भूलोक, भुवर्लोक, स्वर्गलोक) की अन्तरात्मा
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
त्रि
three
तीन
लोक
world, realm
लोक, संसार
आत्मा
inner self, soul
आत्मा, अन्तरात्मा
आधुनिक संदर्भ
सन्ध्या वन्दन में 'ॐ भूर्भुवः स्वः' बोलते हुए तीनों लोकों को याद किया जाता है। त्रिलोकात्मा भगवान पृथ्वी, अन्तरिक्ष और स्वर्ग तीनों में आत्मा के रूप में बसे हैं। ISRO जब अन्तरिक्ष में उपग्रह भेजता है तो भुवर्लोक में प्रवेश करता है। लेकिन भगवान पहले से वहाँ हैं। तीनों लोकों की यात्रा भगवान की आत्मा की यात्रा है।
कब जपें
ॐChant during Sandhya Vandana, Gayatri recitation, space-related celebrations, or when contemplating the three-world cosmology.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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