ॐ सुरुचये नमः
सुरुचिः
Suruciḥ
Root: su + ruci
अर्थ
He of beautiful lustre and exquisite radiant taste
सुन्दर कान्ति (चमक) और उत्तम रुचि वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सु
beautiful, good, excellent
सुन्दर, अच्छा
रुचि
lustre, taste, beauty, inclination
कान्ति, रुचि, चमक
आधुनिक संदर्भ
भारतीय कला, वास्तुकला, और संगीत में 'रुचि' (aesthetic taste) को बहुत महत्व दिया जाता है। ताजमहल की सममिति, मीनाकारी के बारीक काम, और कर्नाटक संगीत की रागदारी, सबमें सुरुचि है। भगवान स्वयं सुरुचि हैं, उत्तम सौन्दर्यबोध का स्रोत। जब किसी का स्वभाव, बोलचाल, और व्यवहार सुन्दर होता है, तो लोग कहते हैं 'रुचिपूर्ण व्यक्ति है।' वो सुरुचि भगवान का अंश है।
कब जपें
ॐChant when engaging in artistic creation, appreciating beauty, during classical music performances, or when cultivating refined taste.
और प्रेम नाम
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