ॐ दिवस्पृशे नमः
दिवस्पृक्
Divaspṛk
Root: diva + spṛś
अर्थ
He who touches the very heavens, reaching the highest sky
जो स्वर्ग (दिव्य लोक) को छूते हैं, आकाश की चोटी तक पहुँचने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
दिव
heaven, sky, celestial realm
स्वर्ग, आकाश
स्पृक्
one who touches, reaches
छूने वाला, पहुँचने वाला
आधुनिक संदर्भ
वामन अवतार में भगवान का पैर स्वर्ग तक पहुँचा और ब्रह्मा ने उनके चरण धोए, उसी जल से गंगा बनी। दिवस्पृक् वो हैं जो आकाश को छूते हैं। भारतीय मंदिरों के शिखर आकाश की ओर इसलिए जाते हैं कि वे पृथ्वी को स्वर्ग से जोड़ें। बृहदेश्वर, मीनाक्षी, और जगन्नाथ मंदिरों के ऊँचे गोपुरम दिवस्पृक् की भौतिक अभिव्यक्ति हैं।
कब जपें
ॐChant when visiting tall temple gopurams, during Trivikrama meditation, when gazing at the sky, or when praying for elevation beyond earthly limitations.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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