ॐ सन्तः जीवाय नमः
सन्तः जीवः
Santaḥ Jīvaḥ
Root: sat + jīva
अर्थ
The true life-force that animates all righteous beings
सत्पुरुषों (सज्जनों) का जीवन-प्राण, सच्चे लोगों में बसने वाली शक्ति
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सन्तः
of the righteous, of the good
सत्पुरुषों का, सज्जनों का
जीव
life, life-force, the living being
जीवन, प्राण, जीव
आधुनिक संदर्भ
हर युग में सन्त-महात्मा भगवान की शक्ति से जनता का कल्याण करते हैं। कबीर, नानक, तुकाराम, रामदास, ये सब 'सन्तों के जीव' थे जिनमें भगवान की प्राण-शक्ति बसी थी। आज भी गाँवों में सन्त-सेवक जो मुफ़्त अस्पताल चलाते हैं, जो अनाथालय सम्भालते हैं, उनमें सन्तः जीव भगवान काम कर रहे हैं।
कब जपें
ॐChant when honouring saints and seva-workers, during sant-sanga, on Kabir Jayanti or Guru Nanak Jayanti, or when recognising divine life in selfless people.
और करुणा नाम
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