ॐ सत्यधर्मपरायणाय नमः
सत्यधर्मपरायणः
Satyadharmaparāyaṇaḥ
Root: satya + dharma + parāyaṇa
अर्थ
He who is eternally devoted to truth and righteous duty
सत्य और धर्म में शाश्वत रूप से समर्पित, सत्य-धर्म-निष्ठ
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सत्य
truth
सत्य
धर्म
righteousness
धर्म
परायण
devoted to, dedicated to
समर्पित
आधुनिक संदर्भ
सत्यधर्मपरायण दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 240)। पहली बार RTI कार्यकर्ताओं और व्हिसलब्लोअर्स के संदर्भ में था। दोहराव बताता है कि सत्य-धर्म संयोजन भगवान का शाश्वत स्वभाव है, यह एक बार का वचन नहीं, बार-बार का आचरण है। सत्य (384) के तुरन्त बाद सत्यधर्मपरायण (385) आना दर्शाता है कि सत्य अकेला पर्याप्त नहीं, उसे धर्म से जोड़ना ज़रूरी है।
कब जपें
ॐChant during ethical decision-making, when truth and dharma must work together, during Satyanarayan Katha, or when the paired repetition of these two names deepens commitment.
और ज्ञान नाम
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