ॐ शरीरभूतभृते नमः
शरीरभूतभृत्
Śarīrabhūtabhṛt
Root: śarīra + bhūta + bhṛt
अर्थ
The sustainer of all the elements that compose the physical body
शरीर के सभी तत्वों (भूतों) को धारण और पोषण करने वाले
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
शरीर
body
शरीर
भूत
elements, constituents
तत्व, अवयव
भृत्
sustainer, bearer
धारण करने वाले, पालक
आधुनिक संदर्भ
शरीर पंचभूतों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) से बना है। शरीरभूतभृत् भगवान इन सब तत्वों को शरीर में बनाए रखते हैं। आयुर्वेद में शरीर का त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) सन्तुलन स्वास्थ्य का आधार है। जब डॉक्टर 'शरीर ठीक से काम कर रहा है' कहता है, तो वो शरीरभूतभृत् की कृपा है। हर हृदय की धड़कन, हर फेफड़े की साँस, हर कोशिका का विभाजन भगवान सम्भाल रहे हैं।
कब जपें
ॐChant during health-related prayers, Ayurvedic consultations, when recovering from illness, or when the body's miraculous self-maintenance inspires awe.
और करुणा नाम
← → arrow keys to navigate