ॐ विभवे नमः
विभुः
Vibhuḥ
Root: vi + bhū
अर्थ
The all-pervading lord manifest in every particle of existence
सर्वव्यापी भगवान, अस्तित्व के हर कण में प्रकट
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
विभु
all-pervading, omnipresent
सर्वव्यापी
आधुनिक संदर्भ
विभु तीसरी बार आया है (पहले नाम 250 और 395)। 250 पर चौथाई, 395 पर दोहराव, और 458 पर तीसरी बार। तीन बार दोहराव दर्शाता है कि सर्वव्यापकता भगवान का तीसरा सबसे अभिन्न गुण है (सत्य 4x, श्रीमान 4x, विभु 3x)। ईशावास्य उपनिषद का 'ईशा वास्यमिदं सर्वम्' विभु का मूलमन्त्र है। हर अणु, हर ग्रह, हर जीव में विभु विद्यमान हैं।
कब जपें
ॐChant during Ishavasya Upanishad study, when feeling God's presence in unexpected places, at the Sahasranama's approaching halfway mark, or when omnipresence becomes experiential.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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