ॐ त्रिलोकात्मने नमः
त्रिलोकात्मा
Trilokātmā
Root: tri + loka + ātman
अर्थ
The inner Self dwelling within all three cosmic worlds
तीनों लोकों की अन्तरात्मा
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
त्रि
three
तीन
लोक
world
लोक
आत्मा
inner self
आत्मा
आधुनिक संदर्भ
त्रिलोकात्मा दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 223)। पहली बार सन्ध्या वन्दन और ISRO अन्तरिक्ष अभियान के संदर्भ में था। दूसरे अर्ध में यह नाम कहता है: पहले अर्ध में तीन लोकों की बात हुई, दूसरे में भी वही तीन लोक हैं। भगवान की तीन-लोक-व्यापकता बदली नहीं। 'ॐ भूर्भुवः स्वः' सुबह भी बोला जाता है, शाम भी। दोनों अर्धों में, दोनों सन्ध्याओं में।
कब जपें
ॐChant during Sandhya Vandana, when the Sahasranama's second-half tri-loka names mirror the first half, during Gayatri recitation, or when cosmic consistency comforts.
और ब्रह्माण्डीय व्यवस्था नाम
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