ॐ सम्भवाय नमः
सम्भवः
Sambhavaḥ
Root: sam + bhū
अर्थ
He who manifests by His own will for the protection of dharma
जो अपनी इच्छा से धर्म-रक्षा हेतु प्रकट होते हैं, स्वयं-प्रकट
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सम्भव
self-manifested, one who appears by own will
स्वयं प्रकट, अपनी इच्छा से आने वाले
आधुनिक संदर्भ
सम्भव दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 32 के आसपास)। गीता (4.7) का 'सम्भवामि युगे युगे' (मैं हर युग में प्रकट होता हूँ) इसी शब्द से है। भगवान किसी के बुलाने से नहीं, स्वयं प्रकट होते हैं। जब धर्म को ज़रूरत होती है तो वे आते हैं। कोरोना महामारी में जब लाखों लोगों ने सेवा की, वो भी सम्भव भगवान का प्रकटीकरण था, मनुष्यों के माध्यम से।
कब जपें
ॐChant during Gita 4.7 study, when divine manifestation is recognised in human seva, during crisis-response volunteering, or when 'sambhavami yuge yuge' echoes in your heart.
और भक्ति नाम
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