ॐ पुष्कराक्षाय नमः
पुष्कराक्षः
Puṣkarākṣaḥ
Root: puṣkara + akṣa
अर्थ
The lotus-eyed lord whose eyes are as beautiful as blooming lotuses
कमल-नेत्र, जिनकी आँखें खिले कमल के समान सुन्दर हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
पुष्कर
lotus
कमल
अक्ष
eye
नेत्र
आधुनिक संदर्भ
पुष्कराक्ष दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 40 के आसपास)। भगवान विष्णु की कमल-आँखें (पुण्डरीकाक्ष, कमलाक्ष, पुष्कराक्ष) उनकी सबसे वर्णित विशेषता है। तिरुपति में दर्शन का चरम क्षण वो है जब भक्त बालाजी की कमल-आँखों की एक झलक पकड़ता है। सूरदास ने कृष्ण की आँखों पर सैकड़ों पद लिखे। दोहराव कहता है: भगवान की आँखें सहस्रनाम के दोनों अर्धों में समान रूप से सुन्दर हैं।
कब जपें
ॐChant during darshan, when meditating on Vishnu's eyes, during Surdas bhajan sessions, or when the Lord's beautiful gaze is the meditation object.
और प्रेम नाम
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