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623

ॐ चतुर्व्यूहाय नमः

चतुर्व्यूहः

Caturvyūhaḥ

Root: catur + vyūha

Knowledge·विद्या
Meaning

अर्थ

He who manifests as the four divine emanations of cosmic consciousness

चार दिव्य व्यूहों (ब्रह्माण्डीय चेतना के प्रकटीकरण) में प्रकट

Word-by-Word Breakdown

शब्द-दर-शब्द विश्लेषण

चतुर्

four

चार

व्यूह

emanation, formation, divine arrangement

व्यूह, रचना, दिव्य व्यवस्था

Modern Context

आधुनिक संदर्भ

चतुरात्मा (621) मन के चार पहलू, चतुर्बाहु (622) शरीर के चार हाथ, चतुर्व्यूह (623) चार दिव्य प्रकटीकरण: तीन 'चतुर्' नामों की त्रयी। वासुदेव-संकर्षण-प्रद्युम्न-अनिरुद्ध चार व्यूह हैं जो क्रमशः सृष्टि, स्थिति, संहार, और मोक्ष से जुड़े हैं। श्रीवैष्णव सम्प्रदाय (विशिष्टाद्वैत) में चतुर्व्यूह सबसे महत्वपूर्ण अवधारणा है। श्रीरंगम मंदिर इसी का केन्द्र है।

When to Chant

कब जपें

Chant during Pancharatra study, at Srirangam temple, when the chatur-triad (621-623) deepens theological understanding, or when Vishishtadvaita philosophy calls.

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