ॐ चतुर्व्यूहाय नमः
चतुर्व्यूहः
Caturvyūhaḥ
Root: catur + vyūha
अर्थ
He who manifests as the four divine emanations of cosmic consciousness
चार दिव्य व्यूहों (ब्रह्माण्डीय चेतना के प्रकटीकरण) में प्रकट
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
चतुर्
four
चार
व्यूह
emanation, formation, divine arrangement
व्यूह, रचना, दिव्य व्यवस्था
आधुनिक संदर्भ
चतुरात्मा (621) मन के चार पहलू, चतुर्बाहु (622) शरीर के चार हाथ, चतुर्व्यूह (623) चार दिव्य प्रकटीकरण: तीन 'चतुर्' नामों की त्रयी। वासुदेव-संकर्षण-प्रद्युम्न-अनिरुद्ध चार व्यूह हैं जो क्रमशः सृष्टि, स्थिति, संहार, और मोक्ष से जुड़े हैं। श्रीवैष्णव सम्प्रदाय (विशिष्टाद्वैत) में चतुर्व्यूह सबसे महत्वपूर्ण अवधारणा है। श्रीरंगम मंदिर इसी का केन्द्र है।
कब जपें
ॐChant during Pancharatra study, at Srirangam temple, when the chatur-triad (621-623) deepens theological understanding, or when Vishishtadvaita philosophy calls.
और विद्या नाम
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