ॐ सुप्रसादाय नमः
सुप्रसादः
Suprasādaḥ
Root: su + prasāda
अर्थ
The supremely gracious one who grants divine favour effortlessly
अत्यन्त कृपालु, जो अनायास ही दिव्य कृपा प्रदान करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सु
easily, beautifully
आसानी से
प्रसाद
grace, divine favour, blessed offering
कृपा, प्रसाद
आधुनिक संदर्भ
सुप्रसाद दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 454)। पहली बार गीता 9.26 ('पत्रं पुष्पं फलं तोयम्') और तिरुपति लड्डू के संदर्भ में था। तीसरे दोहराव-चक्र में सुप्रसाद का फिर आना कह रहा है: भगवान की कृपा कभी कम नहीं होती। पहले चक्र में कृपा, दूसरे में कृपा, तीसरे में भी कृपा। जब लंगर (community kitchen) में कोई भूखा आता है तो उसे बिना पूछे खाना मिलता है, वो 'सुप्रसाद' (easy grace) है।
कब जपें
ॐChant when receiving unexpected kindness, during community meals, when grace arrives without effort, or when the third-cycle repetition confirms that divine generosity is structurally permanent.
और करुणा नाम
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