ॐ वीरघ्ने नमः
वीरघ्नः
Vīraghnaḥ
Root: vīra + han
अर्थ
The slayer of mighty warriors who fight against the cosmic order
ब्रह्माण्डीय व्यवस्था के विरुद्ध लड़ने वाले शक्तिशाली योद्धाओं का संहारक
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
वीर
warrior, mighty one
योद्धा
घ्न
slayer
संहारक
आधुनिक संदर्भ
वीरघ्न तीसरी बार आया है (पहले नाम 165 और 320)। तीन बार 'शक्तिशाली दुष्टों का संहारक!' शक्तिशाली होना अधर्म को वैध नहीं बनाता। महाभारत में कर्ण, भीष्म, द्रोण, दुर्योधन सब शक्तिशाली थे लेकिन अधर्म की ओर थे और कृष्ण ने उनका अन्त किया। तीसरी बार = तीसरी बार चेतावनी: शक्ति (power) भगवान के न्याय से नहीं बचाती। चाहे कितने भी ताक़तवर हो, अधर्मी का अन्त निश्चित है।
कब जपें
ॐChant when praying for justice against the powerful, during Mahabharata study, on Vijayadashami, or when the triple Vīraghna strengthens faith in inevitable dharmic justice.
और संहार नाम
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