ॐ सवित्रे नमः
सविता
Savitā
Root: sū
अर्थ
The divine generator who impels every being into purposeful action
दिव्य प्रेरक, जो हर प्राणी को सार्थक कर्म में प्रेरित करते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
सविता
generator, impeller, the sun as life-giver
प्रेरक, जनक, जीवनदायी सूर्य
आधुनिक संदर्भ
सविता दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 399)। गायत्री मन्त्र 'तत्सवितुर्वरेण्यम्' में 'सवितुः' (सविता का) शब्द आता है। पहली बार (399) में सुबह की अलार्म और प्रेरणा के संदर्भ में था। दोहराव 716 पर, 'प्राण-खण्ड' (703-709) और 'तत्त्व-खण्ड' (710-712) के बाद आकर कहता है: ज्ञान (तत्त्व) और प्राण (breath) मिलकर 'सविता' (generator/motivator) बनते हैं। ज्ञान + प्राण = कर्म-प्रेरणा।
कब जपें
ॐChant during Gayatri recitation, at sunrise, when motivation is needed, during the knowledge-to-action transition, or when the double Savitā connects knowing to doing.
और शक्ति नाम
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