ॐ यज्ञाय नमः
यज्ञः
Yajñaḥ
Root: yaj
अर्थ
The sacred sacrifice itself, the divine ritual that sustains cosmic order
स्वयं पवित्र यज्ञ, वो दिव्य अनुष्ठान जो ब्रह्माण्डीय व्यवस्था बनाए रखता है
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
यज्ञ
sacrifice, sacred ritual, selfless offering
यज्ञ, पवित्र अनुष्ठान, निःस्वार्थ अर्पण
आधुनिक संदर्भ
गीता (3.14) कहती है 'यज्ञाद्भवति पर्जन्यो,' यज्ञ से वर्षा होती है (और वर्षा से अन्न)। यज्ञ भारतीय संस्कृति का सबसे प्राचीन अनुष्ठान है। गीता (4.24) का 'ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हविः' कहता है: यज्ञ में अर्पण भी ब्रह्म, आहुति भी ब्रह्म, अग्नि भी ब्रह्म। यज्ञ भगवान स्वयं यज्ञ हैं: अर्पण करने वाले भी वही, अर्पण भी वही, ग्रहण करने वाले भी वही। यज्ञ = सम्पूर्ण दिव्य चक्र एक शब्द में।
कब जपें
ॐChant during any yagya/havan, Gita 3.14 and 4.24 study, when selfless service needs divine framing, or when every sacrifice offered becomes the Lord Himself receiving Himself.
और भक्ति नाम
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