ॐ यज्ञभुजे नमः
यज्ञभुक्
Yajñabhuk
Root: yajña + bhuj
अर्थ
The consumer of all sacrificial offerings who transforms them into cosmic grace
सम्पूर्ण यज्ञ-आहुतियों के भोक्ता, जो उन्हें ब्रह्माण्डीय कृपा में बदलते हैं
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
यज्ञ
sacrifice
यज्ञ
भुक्
consumer, eater
भोक्ता
आधुनिक संदर्भ
यज्ञभुक् भगवान आहुतियाँ 'खाते' हैं और बदले में कृपा 'देते' हैं। जैसे सूर्य पानी सोखता है और बारिश बरसाता है, वैसे भगवान यज्ञ ग्रहण करते हैं और आशीर्वाद बरसाते हैं। भारतीय अन्नदान (food donation) में भी यही सिद्धान्त है: जब लंगर में खाना दिया जाता है, भगवान उसे 'यज्ञभुक्' के रूप में 'खाते' हैं (भूखों के माध्यम से)। नौवाँ यज्ञ-नाम! यज्ञ-खण्ड अब विस्तारित हो रहा है।
कब जपें
ॐChant during annadaan, when donations are made, during the extended yajña-cluster meditation, or when the offering-consumption-grace cycle is the focus.
और करुणा नाम
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