ॐ देवभृद्गुरवे नमः
देवभृद्गुरुः
Devabhṛdguruḥ
Root: deva + bhṛt + guru
अर्थ
The sustainer and teacher of all gods, the guru of the entire divine realm
सभी देवताओं के पालक और गुरु, सम्पूर्ण दिव्य लोक के शिक्षक
शब्द-दर-शब्द विश्लेषण
देव
gods
देवता
भृत्
sustainer
पालक
गुरु
teacher
गुरु
आधुनिक संदर्भ
देवभृद्गुरु दूसरी बार आया है (पहली बार नाम 442)। आदिदेव-महादेव-देवेश-देवभृद्गुरु चतुष्टयी दोनों बार एक ही क्रम में आई है (439-442 और 743-746)। चार-नामों की 'दिव्य चतुष्टयी' दो बार! पहले देवता → बड़े देवता → देवताओं के स्वामी → देवताओं के गुरु। भगवान देवताओं के गुरु हैं: बृहस्पति के भी गुरु। 'गुरु' शब्द का इससे ऊँचा प्रयोग सम्भव नहीं।
कब जपें
ॐChant on Guru Purnima, when the double divine-quartet (743-746) mirrors 439-442 perfectly, during teacher appreciation, or when the ultimate guru-principle is the meditation.
और विद्या नाम
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